कोरोना का फैलाव रोकने के लिए प्रदेश में जारी लॉक डाउन ने लोगों के अंतिम संस्कार व इससे जुड़े रीति-रिवाजों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। बड़ी शव यात्रा के स्थान पर चुनीन्दा लोग ही अंतिम यात्रा में शामिल हो रहे है। साथ ही मृतकों के परिजन भी लोगों से आग्रह कर रहे है कि वे अंतिम यात्रा में शामिल न हो। शहर में शनिवार को एक महिला की अंतिम यात्रा में एक बच्चे सहित कुल सात जने ही पहुंचे। ये सभी उस महिला के निकट रिश्तेदार ही थे।
ऐसे बरत रहे है सावधानी
जोधपुर में शनिवार को चौपासनी हाउसिंग बोर्ड निवासी ममता शर्मा का निधन हो गया। उनके परिजनों ने कोरोना का फैलाव रोकने का ध्यान में रखते हुए घर के सात सदस्यों के अलावा किसी को अंतिम संस्कार में पहुंचने की अनुमति नहीं दी। परिवार के साठ साल से अधिक आयु के सभी सदस्यों को घर पर ही रखा। परिवार के 6 युवा व एक बच्चा ममता शर्मा के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। मोहल्ले के कुछ लोग भी अंतिम यात्रा में कंधा देने पहुंचे, लेकिन परिजनों ने हाथ जोड़ सभी से आग्रह किया कि वे भी अपने घर पर ही रहे। श्मशान स्थल पर सभी परिजन मास्क लगाए हुए रहे और साथ लेकर गए सैनेटाइजर की मदद से सभी अपने हाथ भी समय-समय पर साफ करते रहे।
कोई बैठक नहीं
मृतका के परिजन आशिष ने बताया कि सभी रिश्तेदारों को निधन की सूचना मैसेज के जरिये दे दी गई है। साथ ही सभी से आग्रह किया है कि किसी प्रकार की बैठक नहीं रखी गई है। दाह संस्कार के पश्चात श्मशान में ही उठावणे की औपचारिकता पूरी कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि रिश्तेदारों से कहा गया कि श्रद्धांजलि देने के लिए घर पर आने के बजाय वे मोबाइल पर मैसेज ही भेज दे। इसके अलावा अंतिम संस्कार के पश्चात होने वाले अन्य सभी रीति-रिवाजों को सीमित कर दिया गया है।
शहर में सभी लोग कर रहे इसी तरह दाह संस्कार
लॉक डाउन के दौरान होने वाले निधन के समाचार पत्रों में प्रकाशित होने वाले शोक संदेशों में भी परिजन अन्य लोगों से अपील कर रहे है कि वे दाह संस्कार में शामिल न हो। साथ ही आग्रह किया जा रहा है कि किसी प्रकार की बैठक नहीं रखी जा रही है। ऐसे में श्रद्धांजलि देने के लिए लोग अपने घरों से बाहर न निकले।
लॉक डाउन में यह है गाइड लाइन
देश में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामले को लेकर चिंतित सरकार ने 21 दिन के लिए लॉकडाउन कर दिया है। इसके साथ ही सरकार ने कुछ गाइनलाइन भी जारी की हैं। गाइलाइंस के मुताबिक, अंतिम संस्कार में 20 से ज्यादा लोगों को शामिल होने की इजाजत नहीं है। इसके साथ ही शव यात्रा भी निकालने की परमिशन नहीं है। श्मशान स्थल तक शव को वाहन में ले जाने की अनुमति है।